Sunday, 17 June, 2007

मेरे डैडी


मेरे डैडी


मेरे डैडी सबसे प्यारे,

सारे जग में सबसे न्यारे।


रोज सवेरे सैर पर जाते,

मुझको भी दौड़ लगवाते,

थकहार कर घर को आते,

हिटलर जैसे हुकुम सुनाते,

कभी हँसते और हमे हँसाते,

दिल से बहुत ही प्यारे,

मेरे डैडी सबसे न्यारे।


रोत रात जब घर आते,

आते ही आवाज लगाते,

पढ़ो-पढ़ो की रट लगाते,

पर जब मै मस्ती करता,

बड़े प्यार से चपत लगाते,

मेरे सपनो के हीरो प्यारे,

मेरे डैडी सबसे न्यारे।


घर में सब उनसे डर जाते,

लेकिन मम्मी से वो डर जाते,

सबका घर में ख्याल वो रखते,

दादा-दादी को प्यार वो करते,

दादी माँ की आँखों के तारे,

मेरे डैडी सबसे न्यारे।


आज यही प्रण हम करते,

सदा रहें हम दोस्त बनके,

जैसे सदा प्यार आप करते,

सारे घर का ख्याल भी रखते,

हम भी जब बडे़ हो जाये,

डैडी जैसा नाम कमाएं।


आपका प्यारा बेटा

अक्षय